महाकाल कवच क्या है?
यहां से ही क्यों मंगवाये?
जब भी कोई चैन या लौकेट या नग को आप धारण करते है तो यह ज़रुरी होता है कि उसे अभिमंत्रित किया गया हो यानी मंत्रो द्वारा शुद्ध किया गया हो। तभी वो आपको लाभ पहुँचाएगा.. नही तो उनमें या किसी और साधारण चैन या लौकेट में कोई भी फर्क नही रह जाता।
इसका पीछे का मतलब इस आसान बात से समझा जा सकता है कि भगवान की मूर्ति तो मंदिर में भी होती है और हमारे घर में भी फिर भी मंदिर में जाकर ही पूजा करने का ज्यादा महत्व है। इसका कारण बहुत आसान है कि मंदिर में मूर्तियों की पहले प्राणशक्ति कर के ही स्थापना की जाती है, जिस वजह से वो मूर्ति नही भगवान ही है। ऐसे ही इस कवच को अभिमंत्रित करने से भगवान का आशीर्वाद आपके साथ रहता है।